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Q: In which year, GandhiJi gave a speech on education at Wardha?/किस वर्ष में, गांधी जी ने वर्धा में शिक्षा पर भाषण दिया था?
  • A. 1939
  • B. 1940
  • C. 1938
  • D. 1937
Correct Answer: Option D - भारत को महात्मा गाँधी जी की जो देन है उसमें ‘‘बुनियादी शिक्षा’’ अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इसे वर्धा योजना, नयी तालीम, बुनियादी तालीम तथा बेसिक शिक्षा के नामों से भी जाना जाता है। गाँधी जी ने ‘‘23 अक्टूबर, 1937’’ को नयी तालीम या वर्धा शिक्षा की योजना बनायी। जिसके पीछे उनका दृष्टिकोण था – कि यह शिक्षा का अभिप्राय बालक और मनुष्य के सम्पूर्ण शारीरिक, मानसिक, आध्यात्मिक शक्तियों के सर्वतोमुखी विकास से ग्रहण करना था तथा उन्होनें यह भी बताया कि केवल साक्षरता ही शिक्षा नहीं है बल्कि उनकी दृष्टि में यह था कि बालक को हस्तशिल्प सिखाकर आत्मनिर्भर बनाया जाये।
D. भारत को महात्मा गाँधी जी की जो देन है उसमें ‘‘बुनियादी शिक्षा’’ अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इसे वर्धा योजना, नयी तालीम, बुनियादी तालीम तथा बेसिक शिक्षा के नामों से भी जाना जाता है। गाँधी जी ने ‘‘23 अक्टूबर, 1937’’ को नयी तालीम या वर्धा शिक्षा की योजना बनायी। जिसके पीछे उनका दृष्टिकोण था – कि यह शिक्षा का अभिप्राय बालक और मनुष्य के सम्पूर्ण शारीरिक, मानसिक, आध्यात्मिक शक्तियों के सर्वतोमुखी विकास से ग्रहण करना था तथा उन्होनें यह भी बताया कि केवल साक्षरता ही शिक्षा नहीं है बल्कि उनकी दृष्टि में यह था कि बालक को हस्तशिल्प सिखाकर आत्मनिर्भर बनाया जाये।

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भारत को महात्मा गाँधी जी की जो देन है उसमें ‘‘बुनियादी शिक्षा’’ अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इसे वर्धा योजना, नयी तालीम, बुनियादी तालीम तथा बेसिक शिक्षा के नामों से भी जाना जाता है। गाँधी जी ने ‘‘23 अक्टूबर, 1937’’ को नयी तालीम या वर्धा शिक्षा की योजना बनायी। जिसके पीछे उनका दृष्टिकोण था – कि यह शिक्षा का अभिप्राय बालक और मनुष्य के सम्पूर्ण शारीरिक, मानसिक, आध्यात्मिक शक्तियों के सर्वतोमुखी विकास से ग्रहण करना था तथा उन्होनें यह भी बताया कि केवल साक्षरता ही शिक्षा नहीं है बल्कि उनकी दृष्टि में यह था कि बालक को हस्तशिल्प सिखाकर आत्मनिर्भर बनाया जाये।