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Q: In which of the following Indian National Congress Sessions, the resolutions related to the Fundamental Rights were passed for the first time?/निम्नलिखित में से भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के किस अधिवेशन में पहली बार मौलिक अधिकारों से सम्बन्धित प्रस्ताव पारित किए गए थे?
  • A. Surat Session—1907/सूरत अधिवेशन-1907
  • B. Gaya Session—1922/गया अधिवेशन-1922
  • C. Karachi Session—1931/कराची अधिवेशन-1931
  • D. None of the above/उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option C - भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कराची अधिवेशन-1931 में पहली बार मौलिक अधिकारों से संबंधित प्रस्ताव पारित किया गया। इसके साथ ही राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम से सम्बद्ध प्रस्ताव भी पारित किया गया। इसी अधिवेशन में गाँधी ने कहा था कि ‘‘गाँधी मर सकता हैं,’’ परन्तु गाँधीवाद हमेशा जिन्दा रहेगा।’’ कराची अधिवेशन, भारतीय राष्ट्रीय कांगे्रस का पैतालीसवाँ (45वाँ) अधिवेशन था, सूरत अधिवेशन, 1907 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस गरम दल एवं नरम दल में विभाजित हो गया। इसकी अध्यक्षता रास बिहारी घोष ने की थी। गया अधिवेशन 1922 की अध्यक्षता सी.आर.दास ने की थी।
C. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कराची अधिवेशन-1931 में पहली बार मौलिक अधिकारों से संबंधित प्रस्ताव पारित किया गया। इसके साथ ही राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम से सम्बद्ध प्रस्ताव भी पारित किया गया। इसी अधिवेशन में गाँधी ने कहा था कि ‘‘गाँधी मर सकता हैं,’’ परन्तु गाँधीवाद हमेशा जिन्दा रहेगा।’’ कराची अधिवेशन, भारतीय राष्ट्रीय कांगे्रस का पैतालीसवाँ (45वाँ) अधिवेशन था, सूरत अधिवेशन, 1907 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस गरम दल एवं नरम दल में विभाजित हो गया। इसकी अध्यक्षता रास बिहारी घोष ने की थी। गया अधिवेशन 1922 की अध्यक्षता सी.आर.दास ने की थी।

Explanations:

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कराची अधिवेशन-1931 में पहली बार मौलिक अधिकारों से संबंधित प्रस्ताव पारित किया गया। इसके साथ ही राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम से सम्बद्ध प्रस्ताव भी पारित किया गया। इसी अधिवेशन में गाँधी ने कहा था कि ‘‘गाँधी मर सकता हैं,’’ परन्तु गाँधीवाद हमेशा जिन्दा रहेगा।’’ कराची अधिवेशन, भारतीय राष्ट्रीय कांगे्रस का पैतालीसवाँ (45वाँ) अधिवेशन था, सूरत अधिवेशन, 1907 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस गरम दल एवं नरम दल में विभाजित हो गया। इसकी अध्यक्षता रास बिहारी घोष ने की थी। गया अधिवेशन 1922 की अध्यक्षता सी.आर.दास ने की थी।