Correct Answer:
Option C - ‘मनोहर’ मेवाड़ लघु चित्र शैली का चित्रकार था इन्होंने ‘रामायण’ की सचित्र प्रति बनाई जो मुम्बई के प्रिन्स ऑफ बेल्स संग्रहालय में सुरक्षित हैं। इस काल के 1605 ई. के ‘रागमाला’ चित्र चावण्ड में निर्मित हुए। इन चित्रों को निसारदीन नामक चित्रकार ने चित्रित किया। मेवाड़ शैली के आरम्भिक चित्र अपभ्रंश शैली में निर्मित जैन ग्रन्थ सुपांसनाह चरियम् (सुपाश्र्वनाथ चरितम्) में मिलते हैं।
• चम्बा शैली के चित्रकार लैहरु और निक्का थे तथा किशनगढ़ शैली का चित्रकार मोरध्वज निहाल चन्द्र था। जयपुर शैली में साहिबराम और डालूराम थे। डालू राम भित्ति चित्र में निपुण था।
C. ‘मनोहर’ मेवाड़ लघु चित्र शैली का चित्रकार था इन्होंने ‘रामायण’ की सचित्र प्रति बनाई जो मुम्बई के प्रिन्स ऑफ बेल्स संग्रहालय में सुरक्षित हैं। इस काल के 1605 ई. के ‘रागमाला’ चित्र चावण्ड में निर्मित हुए। इन चित्रों को निसारदीन नामक चित्रकार ने चित्रित किया। मेवाड़ शैली के आरम्भिक चित्र अपभ्रंश शैली में निर्मित जैन ग्रन्थ सुपांसनाह चरियम् (सुपाश्र्वनाथ चरितम्) में मिलते हैं।
• चम्बा शैली के चित्रकार लैहरु और निक्का थे तथा किशनगढ़ शैली का चित्रकार मोरध्वज निहाल चन्द्र था। जयपुर शैली में साहिबराम और डालूराम थे। डालू राम भित्ति चित्र में निपुण था।