Correct Answer:
Option A - वातावरण-नियतिवाद विचारधारा का जन्म और विकास जर्मनी में हुआ था। 18वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में काण्ट ने तथा 19वीं शताब्दी में हम्बोल्ट, रिटर और रेटजेल ने इसके विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। रेटजेल को वातावरण–निश्चयवाद का प्रमुख प्रतिपादक माना जाता है। वातावरण-मानव के पारस्परिक संबंधों में रेटजेल ने वातावरण को अधिक प्रभावशाली माना है, यहाँ तक कि विश्व के विभिन्न प्रदेशों में मनुष्य के रहन–सहन आर्थिक उद्योग और सामाजिक संस्कृति को वातावरण की ही देन माना है।
नोट–सम्भववाद वाइडल-डी-ला-ब्लाश, प्रसम्भववाद – ओ. एच. के. स्पेट, क्रियात्मक सम्भववाद–डॉ. जार्ज टैथम एवं नव निश्चयवाद का प्रतिपादन ग्रिफिथ टेलर ने किया।
A. वातावरण-नियतिवाद विचारधारा का जन्म और विकास जर्मनी में हुआ था। 18वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में काण्ट ने तथा 19वीं शताब्दी में हम्बोल्ट, रिटर और रेटजेल ने इसके विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। रेटजेल को वातावरण–निश्चयवाद का प्रमुख प्रतिपादक माना जाता है। वातावरण-मानव के पारस्परिक संबंधों में रेटजेल ने वातावरण को अधिक प्रभावशाली माना है, यहाँ तक कि विश्व के विभिन्न प्रदेशों में मनुष्य के रहन–सहन आर्थिक उद्योग और सामाजिक संस्कृति को वातावरण की ही देन माना है।
नोट–सम्भववाद वाइडल-डी-ला-ब्लाश, प्रसम्भववाद – ओ. एच. के. स्पेट, क्रियात्मक सम्भववाद–डॉ. जार्ज टैथम एवं नव निश्चयवाद का प्रतिपादन ग्रिफिथ टेलर ने किया।