Correct Answer:
Option B - भारतीय सर्वोच्य न्यायालय ने केशवानन्द भारतीय बनाम केरल राज्य (1973) में सर्वप्रथम संविधान के मूल ढ़ाँचे का सिद्धान्त दिया। इस निर्णय में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि ‘‘संसद मौलिक अधिकारों को संशोधित या सीमित कर सकती है, किन्तु संविधान के अनुच्छेद-368 से संसद को संविधान के मूल ढ़ाँचे (Basic Structure) में परिवर्तन का अधिकार प्राप्त नहीं होता।’’
B. भारतीय सर्वोच्य न्यायालय ने केशवानन्द भारतीय बनाम केरल राज्य (1973) में सर्वप्रथम संविधान के मूल ढ़ाँचे का सिद्धान्त दिया। इस निर्णय में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि ‘‘संसद मौलिक अधिकारों को संशोधित या सीमित कर सकती है, किन्तु संविधान के अनुच्छेद-368 से संसद को संविधान के मूल ढ़ाँचे (Basic Structure) में परिवर्तन का अधिकार प्राप्त नहीं होता।’’