Correct Answer:
Option A - अति प्रबलित धरन- संपीडन के कारण विफल होती है क्योंकि बीम में इस्पात का तनाव सामर्थ्य, इस्पात और कंक्रीट के संयोजित सम्पीडन सामर्थ्य की तुलना में अधिक होता है।
अल्प प्रबलित धरन- तनन के कारण विफल होती है क्योंकि बीम में इस्पात का तनाव सामर्थ्य, इस्पात और कंक्रीट के संयोजित सम्पीडन सामर्थ्य की तुलना में कम होता है।
एकल प्रबलित धरन- जब धरन के तनन क्षेत्र में प्रबलन इस्पात डाला जाता है तो उसे एकल प्रबलित धरन कहते हैं।
दोहरे प्रबलित धरन- जब प्रबलन इस्पात धरन के तनन एवं सम्पीडन दोनों क्षेत्रों में डाला जाता है तो ऐसे धरन को दोहरे प्रबलित धरन कहते हैं।
A. अति प्रबलित धरन- संपीडन के कारण विफल होती है क्योंकि बीम में इस्पात का तनाव सामर्थ्य, इस्पात और कंक्रीट के संयोजित सम्पीडन सामर्थ्य की तुलना में अधिक होता है।
अल्प प्रबलित धरन- तनन के कारण विफल होती है क्योंकि बीम में इस्पात का तनाव सामर्थ्य, इस्पात और कंक्रीट के संयोजित सम्पीडन सामर्थ्य की तुलना में कम होता है।
एकल प्रबलित धरन- जब धरन के तनन क्षेत्र में प्रबलन इस्पात डाला जाता है तो उसे एकल प्रबलित धरन कहते हैं।
दोहरे प्रबलित धरन- जब प्रबलन इस्पात धरन के तनन एवं सम्पीडन दोनों क्षेत्रों में डाला जाता है तो ऐसे धरन को दोहरे प्रबलित धरन कहते हैं।