Correct Answer:
Option A - भारतीय उद्योगों में सूती वस्त्र पहला उद्योग था जिसमें भारतियों द्वारा पूंजी लगायी गयी, यद्यपि भारत में आधुनिक स्तर की प्रथम सूती मील सन 1818 में कलकत्ता के निकट फोर्ट ग्लोस्टर में लगायी गयी थी किन्तु यह शीघ्र ही बन्द हो गयी। द्वितीय मिल मुम्बई में कवास जी.एन.डावर द्वारा सन 1853 में ‘बम्बई स्पिनिंग एण्ड विविंग कम्पनी’ के नाम से लगायी गयी। यहीं से भारत में आधुनिक सूती वस्त्र उद्योग की नींव पड़ी। स्वतंत्रता के समय भारत में 394 सूती मिले थी। प्रश्न में पूँछा गया सन 1854 में किसी कपास मिल की स्थापना नहीं हुई थी। निकटतम उत्तर बम्बई होगा।
A. भारतीय उद्योगों में सूती वस्त्र पहला उद्योग था जिसमें भारतियों द्वारा पूंजी लगायी गयी, यद्यपि भारत में आधुनिक स्तर की प्रथम सूती मील सन 1818 में कलकत्ता के निकट फोर्ट ग्लोस्टर में लगायी गयी थी किन्तु यह शीघ्र ही बन्द हो गयी। द्वितीय मिल मुम्बई में कवास जी.एन.डावर द्वारा सन 1853 में ‘बम्बई स्पिनिंग एण्ड विविंग कम्पनी’ के नाम से लगायी गयी। यहीं से भारत में आधुनिक सूती वस्त्र उद्योग की नींव पड़ी। स्वतंत्रता के समय भारत में 394 सूती मिले थी। प्रश्न में पूँछा गया सन 1854 में किसी कपास मिल की स्थापना नहीं हुई थी। निकटतम उत्तर बम्बई होगा।