Correct Answer:
Option D - वैदिक युग में, क्योंकि शिक्षा की एक आदर्शवादी प्रकृति थी, अत: आचार्य निम्नलिखित पर बल देते थे:
(A) राष्ट्र के विकास के लिये अभिवृत्ति का सृजन
(B) ईश्वर की उपासना
(D) धार्मिकता
(E) चरित्र निर्माण
D. वैदिक युग में, क्योंकि शिक्षा की एक आदर्शवादी प्रकृति थी, अत: आचार्य निम्नलिखित पर बल देते थे:
(A) राष्ट्र के विकास के लिये अभिवृत्ति का सृजन
(B) ईश्वर की उपासना
(D) धार्मिकता
(E) चरित्र निर्माण