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Q: In the universe, what are pulsars ब्रह्मांड में, पल्सर क्या हैं?
  • A. A group of stars/तारों का एक समूह
  • B. Rotating neutron stars/घूमते न्यूटॉन तारे
  • C. Explosion of a star/किसी तारे का विस्फोट
  • D. Radio waves emitted by a star किसी तारे द्वारा उत्सर्जित रेडियों तरंगें
Correct Answer: Option B - ब्रह्मांड में पल्सर घूमते न्यूट्रॉन तारे है। 1.4 MS को चन्द्रशेखर सीमा कहते है। इससे अधिक द्रव्यमान होने पर मुक्त रूप से घूमते इलेक्ट्रॉन अत्यधिक वेग के कारण नाभिक को छोड़कर बाहर चले जाते हैं तथा न्यूट्रॉन बचे रह जाते है। इसी अवस्था को न्यूट्रॉन तारा या पल्सर कहते है। न्यूट्रॉन तारा भी असीमित समय तक सिकुड़ता हुआ चला जाता है, अर्थात् न्यूट्रॉन तारे में अत्यधिक मात्रा में द्रव्यमान अंतत: एक ही बिन्दु पर सकेन्द्रित हो जाता है। ऐसे असीमित घनत्व के द्रव्य मुक्त पिण्ड को कृष्णछिद्र या ब्लैकहोल कहते है।
B. ब्रह्मांड में पल्सर घूमते न्यूट्रॉन तारे है। 1.4 MS को चन्द्रशेखर सीमा कहते है। इससे अधिक द्रव्यमान होने पर मुक्त रूप से घूमते इलेक्ट्रॉन अत्यधिक वेग के कारण नाभिक को छोड़कर बाहर चले जाते हैं तथा न्यूट्रॉन बचे रह जाते है। इसी अवस्था को न्यूट्रॉन तारा या पल्सर कहते है। न्यूट्रॉन तारा भी असीमित समय तक सिकुड़ता हुआ चला जाता है, अर्थात् न्यूट्रॉन तारे में अत्यधिक मात्रा में द्रव्यमान अंतत: एक ही बिन्दु पर सकेन्द्रित हो जाता है। ऐसे असीमित घनत्व के द्रव्य मुक्त पिण्ड को कृष्णछिद्र या ब्लैकहोल कहते है।

Explanations:

ब्रह्मांड में पल्सर घूमते न्यूट्रॉन तारे है। 1.4 MS को चन्द्रशेखर सीमा कहते है। इससे अधिक द्रव्यमान होने पर मुक्त रूप से घूमते इलेक्ट्रॉन अत्यधिक वेग के कारण नाभिक को छोड़कर बाहर चले जाते हैं तथा न्यूट्रॉन बचे रह जाते है। इसी अवस्था को न्यूट्रॉन तारा या पल्सर कहते है। न्यूट्रॉन तारा भी असीमित समय तक सिकुड़ता हुआ चला जाता है, अर्थात् न्यूट्रॉन तारे में अत्यधिक मात्रा में द्रव्यमान अंतत: एक ही बिन्दु पर सकेन्द्रित हो जाता है। ऐसे असीमित घनत्व के द्रव्य मुक्त पिण्ड को कृष्णछिद्र या ब्लैकहोल कहते है।