Correct Answer:
Option D - ‘‘पठन ’’ का अर्थ शब्द के टुकड़ो का उच्चारण करना नहीं होता है बल्कि यह तो अवधारणाओं को बनाने या विचार करने, विचारों को जोड़ने और उन्हें ध्यान में रखने में सक्षम होता है।
किसी पाठ को या पुस्तक के किसी भाग को सस्वर अथवा मौनरूप से पढ़ना, वाचन या पठन (Reading) कहलाता है। अर्थात् वाचन एक जटिल संज्ञानात्मक प्रक्रिया है जिसमें संकेतों का प्रसंस्करण करते हुए उनसे अर्थग्रहण किया जाता है।
D. ‘‘पठन ’’ का अर्थ शब्द के टुकड़ो का उच्चारण करना नहीं होता है बल्कि यह तो अवधारणाओं को बनाने या विचार करने, विचारों को जोड़ने और उन्हें ध्यान में रखने में सक्षम होता है।
किसी पाठ को या पुस्तक के किसी भाग को सस्वर अथवा मौनरूप से पढ़ना, वाचन या पठन (Reading) कहलाता है। अर्थात् वाचन एक जटिल संज्ञानात्मक प्रक्रिया है जिसमें संकेतों का प्रसंस्करण करते हुए उनसे अर्थग्रहण किया जाता है।