Correct Answer:
Option D - बॉमरिंड के ‘पेरेंटिंग स्टाइल’ मॉडल बाल विकास में काफी महत्वपूर्ण योगदान देता है। पेरेंटिंग उस कला का नाम है, जिसमें आप बच्चे की सेहत से लेकर उसकी सुरक्षा का ध्यान रखते हैं। साथ ही आप उन्हें एक जिम्मेदार , कल्चर्ड और परिपक्व वयस्क बनाते हैं। बच्चे के इसी विकास के लिए व्यक्ति जिस पेरेंटिंग का इस्तेमाल करते हैं, उसे पेरेंटिंग स्टाइल कहा जाता हैं। बॉमरिंड ने पेरेंटिंग स्टाइल के चार प्रकार बताए थे–
1. ऑथोरिटेरियन पेरेंटिंग
2. ऑथेरेटेटिव पेरेंटिंग
3. परमिसिव पेरेंटिंग
4. अनइनवॉल्व पेरेंटिंग
ऑथेरिटेरियन पेरेंटिंग (सत्तावादी माता-पिता) का मानना है कि बच्चो को बिना किसी अपवाद के नियमों का पालन करना चाहिए। इसमें माता-पिता का ध्यान केवल बच्चों को आज्ञाकारी बनाने पर होता है। अत: उपयुक्त कथन में केवल कथन (I) सही सुमेलित है।
D. बॉमरिंड के ‘पेरेंटिंग स्टाइल’ मॉडल बाल विकास में काफी महत्वपूर्ण योगदान देता है। पेरेंटिंग उस कला का नाम है, जिसमें आप बच्चे की सेहत से लेकर उसकी सुरक्षा का ध्यान रखते हैं। साथ ही आप उन्हें एक जिम्मेदार , कल्चर्ड और परिपक्व वयस्क बनाते हैं। बच्चे के इसी विकास के लिए व्यक्ति जिस पेरेंटिंग का इस्तेमाल करते हैं, उसे पेरेंटिंग स्टाइल कहा जाता हैं। बॉमरिंड ने पेरेंटिंग स्टाइल के चार प्रकार बताए थे–
1. ऑथोरिटेरियन पेरेंटिंग
2. ऑथेरेटेटिव पेरेंटिंग
3. परमिसिव पेरेंटिंग
4. अनइनवॉल्व पेरेंटिंग
ऑथेरिटेरियन पेरेंटिंग (सत्तावादी माता-पिता) का मानना है कि बच्चो को बिना किसी अपवाद के नियमों का पालन करना चाहिए। इसमें माता-पिता का ध्यान केवल बच्चों को आज्ञाकारी बनाने पर होता है। अत: उपयुक्त कथन में केवल कथन (I) सही सुमेलित है।