Correct Answer:
Option B - प्रथम सिद्धान्त के अनुसार सर्वेक्षण कार्य पूर्ण से शुरू किया जाता है और इसे अंश की ओर बढ़ाया जाता है-
∎ जरीब सर्वेक्षण, चंक्रम सर्वेक्षण, पटल सर्वेक्षण इत्यादि में सम्पूर्ण क्षेत्र-ढाँचे को पहले बड़े आकार की त्रिकोणों में बाँट लिया जाता है। और इनकी भुजाओं का बड़ी शुद्धता से सर्वेक्षण किया जाता है। अब इन त्रिकोणों को उप/छोटी त्रिकोणों में विभाजित कर लिया जाता है और इनका सर्वेक्षण किया जाता है। उन-त्रिकोणों के सर्वेक्षण में कम परिशुद्धता से भी काम चल जाता है।
B. प्रथम सिद्धान्त के अनुसार सर्वेक्षण कार्य पूर्ण से शुरू किया जाता है और इसे अंश की ओर बढ़ाया जाता है-
∎ जरीब सर्वेक्षण, चंक्रम सर्वेक्षण, पटल सर्वेक्षण इत्यादि में सम्पूर्ण क्षेत्र-ढाँचे को पहले बड़े आकार की त्रिकोणों में बाँट लिया जाता है। और इनकी भुजाओं का बड़ी शुद्धता से सर्वेक्षण किया जाता है। अब इन त्रिकोणों को उप/छोटी त्रिकोणों में विभाजित कर लिया जाता है और इनका सर्वेक्षण किया जाता है। उन-त्रिकोणों के सर्वेक्षण में कम परिशुद्धता से भी काम चल जाता है।