Correct Answer:
Option D - सूर्य पौराणिक देवताओं में से एक हैं। उन्हें सर्वोच्च भगवान आदिशक्ति के रूप में माना जाता है। उन्हें देवी अदिति और दयुस का पुत्र कहा जाता है। उषा को भोर की देवी माना जाता है। वेदों ने उन्हें सूर्योदय के प्रकाश और आकर्षण के अवतार के रूप में माना है। उषा आर्यों की प्रात: काल की देवी थी। सूर्य निकलने के पूर्व बेला को उषा कहा गया। जब सूर्य चमकने लगता है तब उसे सविता कहा जाता है। ऋग्वेद का प्रसिद्ध गायत्री मंत्र सविता को ही समर्पित है। रूद्र का स्वभाव क्रोधी है, उसे शिव का प्रारम्भिक रूप माना गया है। उर्वशी सबसे अधिक प्रसिद्ध वैदिक अप्सरा थी।
D. सूर्य पौराणिक देवताओं में से एक हैं। उन्हें सर्वोच्च भगवान आदिशक्ति के रूप में माना जाता है। उन्हें देवी अदिति और दयुस का पुत्र कहा जाता है। उषा को भोर की देवी माना जाता है। वेदों ने उन्हें सूर्योदय के प्रकाश और आकर्षण के अवतार के रूप में माना है। उषा आर्यों की प्रात: काल की देवी थी। सूर्य निकलने के पूर्व बेला को उषा कहा गया। जब सूर्य चमकने लगता है तब उसे सविता कहा जाता है। ऋग्वेद का प्रसिद्ध गायत्री मंत्र सविता को ही समर्पित है। रूद्र का स्वभाव क्रोधी है, उसे शिव का प्रारम्भिक रूप माना गया है। उर्वशी सबसे अधिक प्रसिद्ध वैदिक अप्सरा थी।