Correct Answer:
Option B - उत्सर्जक अवरोधक को CE एम्लिफायर में स्थिर वोल्टता लाभ के लिए संधारित्र द्वारा बाईपास किया जाता है। क्योकि संधारित्र एक प्रतिबाधा प्रस्तुत करता है जो आवृत्ति के साथ घट जाती है तथा इसे समान्तर में रखने से नाकारात्मक प्रतिक्रिया कम हो जाती है और इस प्रकार उच्च आवृत्तियो पर लाभ बढ़ जाता है।
∎ संधारित्र बाईपास करने का उद्देश्य ट्राजिस्टर की स्थिरता में सुधार करना है।
B. उत्सर्जक अवरोधक को CE एम्लिफायर में स्थिर वोल्टता लाभ के लिए संधारित्र द्वारा बाईपास किया जाता है। क्योकि संधारित्र एक प्रतिबाधा प्रस्तुत करता है जो आवृत्ति के साथ घट जाती है तथा इसे समान्तर में रखने से नाकारात्मक प्रतिक्रिया कम हो जाती है और इस प्रकार उच्च आवृत्तियो पर लाभ बढ़ जाता है।
∎ संधारित्र बाईपास करने का उद्देश्य ट्राजिस्टर की स्थिरता में सुधार करना है।