Correct Answer:
Option B - गणित की कक्षा में विद्यार्थियों में वैयैक्तिक भिन्नता की पहचान के लिए योगात्मक आकलन तकनीक उपयुक्त नही होगी।
योगात्मक आकलन का लक्ष्य एक निर्देशात्मक इकाई के अंत में कुछ मानक के साथ तुलना करके छात्र अधिगम का मूल्यांकन करना हैं।
B. गणित की कक्षा में विद्यार्थियों में वैयैक्तिक भिन्नता की पहचान के लिए योगात्मक आकलन तकनीक उपयुक्त नही होगी।
योगात्मक आकलन का लक्ष्य एक निर्देशात्मक इकाई के अंत में कुछ मानक के साथ तुलना करके छात्र अधिगम का मूल्यांकन करना हैं।