Correct Answer:
Option A - मौर्य काल में ‘सन्निधाता’ का अर्थ होता है राजकोष और भंडारगृह का प्रमुख अभिरक्षक आम तौर पर इसे कोषाध्यक्ष और राजभवन का प्रमुख प्रबंधक कहा जा सकता है। इसका मुख्य कार्य नगद और उपहार के रूप में अर्जित राज्य की आय का लेखा जोखा रखना था। सन्निधाता के अधीन अनेक उपविभाग थे जैसे – कोषगृह, पण्यगृह, कोष्ठागार, कूप्यगृह, आयुधागार और बंधनागार ऐसे ही उपविभाग थे जिन पर सन्निधाता का नियंत्रण था।
A. मौर्य काल में ‘सन्निधाता’ का अर्थ होता है राजकोष और भंडारगृह का प्रमुख अभिरक्षक आम तौर पर इसे कोषाध्यक्ष और राजभवन का प्रमुख प्रबंधक कहा जा सकता है। इसका मुख्य कार्य नगद और उपहार के रूप में अर्जित राज्य की आय का लेखा जोखा रखना था। सन्निधाता के अधीन अनेक उपविभाग थे जैसे – कोषगृह, पण्यगृह, कोष्ठागार, कूप्यगृह, आयुधागार और बंधनागार ऐसे ही उपविभाग थे जिन पर सन्निधाता का नियंत्रण था।