Correct Answer:
Option D - घरों में नलकारी प्रणाली के स्वच्छता उपकरणों जैसे स्नानघर, वाश बेसिन आदि से वाहित मल व गन्दे पानी को सीवर तक ले जाने के लिये अपनाया जाता है अर्थात पाइप जल आपूर्ति तथा सैनिटरी उपकरणों में जल उपलब्ध कराने के लिये पाइपों को बिछाना तथा जोड़ना नलकारी (Plumbing) कहलाता है। पाइपों में कभी-कभी लीकेज हो जाती है। जिसे पता लगाने के लिए वायु परीक्षण (Air test), धुआँ परीक्षण (Smoke test), रंगीन पानी परीक्षण (Coloured test), द्रवीय दाब परीक्षण(Hydraulic test) इत्यादि प्रकार के परीक्षण किये जाते है।
D. घरों में नलकारी प्रणाली के स्वच्छता उपकरणों जैसे स्नानघर, वाश बेसिन आदि से वाहित मल व गन्दे पानी को सीवर तक ले जाने के लिये अपनाया जाता है अर्थात पाइप जल आपूर्ति तथा सैनिटरी उपकरणों में जल उपलब्ध कराने के लिये पाइपों को बिछाना तथा जोड़ना नलकारी (Plumbing) कहलाता है। पाइपों में कभी-कभी लीकेज हो जाती है। जिसे पता लगाने के लिए वायु परीक्षण (Air test), धुआँ परीक्षण (Smoke test), रंगीन पानी परीक्षण (Coloured test), द्रवीय दाब परीक्षण(Hydraulic test) इत्यादि प्रकार के परीक्षण किये जाते है।