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Q: In erection of bridges the Incremental launching method is used when the bridge decks are greater than / पुलो के निर्माण में इंक्रीमेंटल लान्चिंग विधि का उपयोग तब किया जाता है। जब पुल के डेक इससे बड़े होत है।
  • A. 250 m in length /250 मी. लम्बाई में
  • B. 100 m in length /100 मी. लम्बाई में
  • C. 50 m in length / 50 मी. लम्बाई में
  • D. 300 m in length /300 मी. लम्बाई में
Correct Answer: Option A - ■ इन्क्रीमेंटल ब्रिज लान्चिंग विधि कुशल एवं सुविधाजनक है। ■ यह तेजी से निर्माण को सक्षम बनाता है। ■ यह अपनी अधि:संरचना असेंबली के साथ कम जगह का उपयोग करता है। ■ यह श्रमिकों को अधिक सुरक्षा प्रदान करता है। क्योकि निर्माण कार्य कम ऊँचाई पर किया जाता है। ■ इसका उपयोग 250 मीटर से अधिक लम्बाई वाले ब्रिज डेक के लिए किया जाता है।
A. ■ इन्क्रीमेंटल ब्रिज लान्चिंग विधि कुशल एवं सुविधाजनक है। ■ यह तेजी से निर्माण को सक्षम बनाता है। ■ यह अपनी अधि:संरचना असेंबली के साथ कम जगह का उपयोग करता है। ■ यह श्रमिकों को अधिक सुरक्षा प्रदान करता है। क्योकि निर्माण कार्य कम ऊँचाई पर किया जाता है। ■ इसका उपयोग 250 मीटर से अधिक लम्बाई वाले ब्रिज डेक के लिए किया जाता है।

Explanations:

■ इन्क्रीमेंटल ब्रिज लान्चिंग विधि कुशल एवं सुविधाजनक है। ■ यह तेजी से निर्माण को सक्षम बनाता है। ■ यह अपनी अधि:संरचना असेंबली के साथ कम जगह का उपयोग करता है। ■ यह श्रमिकों को अधिक सुरक्षा प्रदान करता है। क्योकि निर्माण कार्य कम ऊँचाई पर किया जाता है। ■ इसका उपयोग 250 मीटर से अधिक लम्बाई वाले ब्रिज डेक के लिए किया जाता है।