Correct Answer:
Option D - सुरंगों में मुख्यत: दो प्रकार की जल निकासी व्यवस्था होती है।
■ अस्थायी जल निकासी व्यवस्था
■ स्थायी जल निकासी व्यवस्था
पम्पिंग विधि- इस प्रणाली में, लगभग 300 से 500 मीटर के लगभग नियमित अंतराल पर सम्प का निर्माण किया जाता है।
खुली खाई जल निकासी व्यवस्था- यह निर्माण के समय सुरंग से भूजल निकालने के लिए प्रदान किया जाता है।
स्थायी जल निकासी व्यवस्था-
(i) साइड नालियॉ उपलब्ध कराकर
(ii) नालीदार लोहे के शेड और साइड नालियाँ प्रदान करके
(iii) केन्द्रीय नाली प्रदान करके।
D. सुरंगों में मुख्यत: दो प्रकार की जल निकासी व्यवस्था होती है।
■ अस्थायी जल निकासी व्यवस्था
■ स्थायी जल निकासी व्यवस्था
पम्पिंग विधि- इस प्रणाली में, लगभग 300 से 500 मीटर के लगभग नियमित अंतराल पर सम्प का निर्माण किया जाता है।
खुली खाई जल निकासी व्यवस्था- यह निर्माण के समय सुरंग से भूजल निकालने के लिए प्रदान किया जाता है।
स्थायी जल निकासी व्यवस्था-
(i) साइड नालियॉ उपलब्ध कराकर
(ii) नालीदार लोहे के शेड और साइड नालियाँ प्रदान करके
(iii) केन्द्रीय नाली प्रदान करके।