Correct Answer:
Option A - जब वेल्डिंग इलेक्ट्रोड को जॉब के अति निकट लाया जाता है तो उनके मध्य उपस्थित हवा का कॉलम आयोनाइज्ड हो जाता है। इसके कारण इलेक्ट्रॉन इस कॉलम से पास होने लगते हैं तथा आर्क का स्वरूप ले लेते हैं। इस आर्क के रजिस्टेंस के कारण उष्मा उत्पन्न होती है। इस आर्क का तापक्रम लगभग 3600⁰C से 4000⁰C तक हो सकता है।
A. जब वेल्डिंग इलेक्ट्रोड को जॉब के अति निकट लाया जाता है तो उनके मध्य उपस्थित हवा का कॉलम आयोनाइज्ड हो जाता है। इसके कारण इलेक्ट्रॉन इस कॉलम से पास होने लगते हैं तथा आर्क का स्वरूप ले लेते हैं। इस आर्क के रजिस्टेंस के कारण उष्मा उत्पन्न होती है। इस आर्क का तापक्रम लगभग 3600⁰C से 4000⁰C तक हो सकता है।