Correct Answer:
Option A - आवृतबीजी पौधों में एक नर युग्मक अण्डकोश से संयोजन करके एक Zygote बना लेता है इसे संयुग्मक (Syngamy) कहते है। व एक अन्य पर युग्मक द्वितियक केन्द्रक के साथ मिलकर एक त्रिगुणित केन्द्रक बना लेता है जिसे त्रिसमेकन कहते है।
संयुग्मक के फलस्वरूप बना जाइगोट बाद में भ्रूण और त्रिगुणित केन्द्रक बाद में भ्रूणपोष का निर्माण करता है।
A. आवृतबीजी पौधों में एक नर युग्मक अण्डकोश से संयोजन करके एक Zygote बना लेता है इसे संयुग्मक (Syngamy) कहते है। व एक अन्य पर युग्मक द्वितियक केन्द्रक के साथ मिलकर एक त्रिगुणित केन्द्रक बना लेता है जिसे त्रिसमेकन कहते है।
संयुग्मक के फलस्वरूप बना जाइगोट बाद में भ्रूण और त्रिगुणित केन्द्रक बाद में भ्रूणपोष का निर्माण करता है।