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Q: In an Environmental studies class, on which of the following themes small group discussions can be arranged ? एक पर्यावरण अध्ययन कक्षा में, निम्नलिखित में से किस विषय पर छोटे समूह चर्चा की व्यवस्था की जा सकती है? I. Is circus cruelty to animals ? I. क्या सर्कस जानवरों के प्रति क्रूरता है? II. Should fast food be sold in the school canteen? II. क्या स्कूल कैंटीन में फास्ट फ़ूड बेचना चाहिए? III. Roads or parks : What does our city need the most ? III. सड़कें या पार्क : हमारे शहर को किस चीज की सबसे ज्यादा जरूरत है?
  • A. I and II/I तथा II
  • B. II and III/II तथा III
  • C. I, II and III/I, II तथा III
  • D. Only II/केवल II
Correct Answer: Option C - पर्यावरण शिक्षा जीवन आधार की शिक्षा है, अत: शिक्षण प्रक्रिया में छात्र को पर्यावरणीय अवधारणाओं को सरल, सहज, स्वअनुभव से सीखने का अवसर प्रदान करना अधिक महत्वपूर्ण हैं। प्रत्येक स्तर के छात्रों में दक्षताओं के विकास के साथ-साथ पर्यावरणीय अपधारणाओं का स्पष्ट ज्ञान, दृष्टिकोण, व्यवहार में परिवर्तन, लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए अत: शिक्षण प्रक्रिया में सीखने को प्रेरित करने वाले अवसरों की प्रधानता होनी चाहिए। इसके कुछ प्रमुख उद्देश्य होते है– 1. पर्यावरणीय समस्याओं के प्रति जागरूकता का विकास करना। 2. पर्यावरण के घटक, प्रकृति चक्र, प्राकृतिक संसाधन, प्रदूषण, संरक्षण संबंधी ज्ञान उपलब्ध कराना। 3. छात्रों में अवलोकन, भाषा प्रयोग, सारणीयन संग्रह, एकत्रीकरण, चित्रांकन करने के कौशलों का विकास करना। 4. राष्ट्रीय धरोहर, वन सम्पदा, जैव विविधता को जानना, समझना तथा प्रकृति से लगाव रखने की अभिव्यक्ति को विकसित करना। 5. शहरीकरण, बढ़ती जनसंख्या तथा प्राकृतिक स्त्रोतों की कमी के प्रभाव को जानना, समझना सक्रिय चिंतन व व्यवहार करने के लिए प्रोरित करना। 7. पशुपालन, ऊर्जा संग्रह, जल अपव्यय के प्रति जागरूरकता विकसित करना। अत: पर्यावरण अध्ययन के बारे में दिए गए तीनों कथन (I), (II) तथा (III) सही हैं क्योंकि पर्यावरण शिक्षा का उद्देश्य है सामाजिक एवं वातावरणीय कारकों के साथ अन्त:क्रिया करना एवं उसमें सुधार करना।
C. पर्यावरण शिक्षा जीवन आधार की शिक्षा है, अत: शिक्षण प्रक्रिया में छात्र को पर्यावरणीय अवधारणाओं को सरल, सहज, स्वअनुभव से सीखने का अवसर प्रदान करना अधिक महत्वपूर्ण हैं। प्रत्येक स्तर के छात्रों में दक्षताओं के विकास के साथ-साथ पर्यावरणीय अपधारणाओं का स्पष्ट ज्ञान, दृष्टिकोण, व्यवहार में परिवर्तन, लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए अत: शिक्षण प्रक्रिया में सीखने को प्रेरित करने वाले अवसरों की प्रधानता होनी चाहिए। इसके कुछ प्रमुख उद्देश्य होते है– 1. पर्यावरणीय समस्याओं के प्रति जागरूकता का विकास करना। 2. पर्यावरण के घटक, प्रकृति चक्र, प्राकृतिक संसाधन, प्रदूषण, संरक्षण संबंधी ज्ञान उपलब्ध कराना। 3. छात्रों में अवलोकन, भाषा प्रयोग, सारणीयन संग्रह, एकत्रीकरण, चित्रांकन करने के कौशलों का विकास करना। 4. राष्ट्रीय धरोहर, वन सम्पदा, जैव विविधता को जानना, समझना तथा प्रकृति से लगाव रखने की अभिव्यक्ति को विकसित करना। 5. शहरीकरण, बढ़ती जनसंख्या तथा प्राकृतिक स्त्रोतों की कमी के प्रभाव को जानना, समझना सक्रिय चिंतन व व्यवहार करने के लिए प्रोरित करना। 7. पशुपालन, ऊर्जा संग्रह, जल अपव्यय के प्रति जागरूरकता विकसित करना। अत: पर्यावरण अध्ययन के बारे में दिए गए तीनों कथन (I), (II) तथा (III) सही हैं क्योंकि पर्यावरण शिक्षा का उद्देश्य है सामाजिक एवं वातावरणीय कारकों के साथ अन्त:क्रिया करना एवं उसमें सुधार करना।

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पर्यावरण शिक्षा जीवन आधार की शिक्षा है, अत: शिक्षण प्रक्रिया में छात्र को पर्यावरणीय अवधारणाओं को सरल, सहज, स्वअनुभव से सीखने का अवसर प्रदान करना अधिक महत्वपूर्ण हैं। प्रत्येक स्तर के छात्रों में दक्षताओं के विकास के साथ-साथ पर्यावरणीय अपधारणाओं का स्पष्ट ज्ञान, दृष्टिकोण, व्यवहार में परिवर्तन, लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए अत: शिक्षण प्रक्रिया में सीखने को प्रेरित करने वाले अवसरों की प्रधानता होनी चाहिए। इसके कुछ प्रमुख उद्देश्य होते है– 1. पर्यावरणीय समस्याओं के प्रति जागरूकता का विकास करना। 2. पर्यावरण के घटक, प्रकृति चक्र, प्राकृतिक संसाधन, प्रदूषण, संरक्षण संबंधी ज्ञान उपलब्ध कराना। 3. छात्रों में अवलोकन, भाषा प्रयोग, सारणीयन संग्रह, एकत्रीकरण, चित्रांकन करने के कौशलों का विकास करना। 4. राष्ट्रीय धरोहर, वन सम्पदा, जैव विविधता को जानना, समझना तथा प्रकृति से लगाव रखने की अभिव्यक्ति को विकसित करना। 5. शहरीकरण, बढ़ती जनसंख्या तथा प्राकृतिक स्त्रोतों की कमी के प्रभाव को जानना, समझना सक्रिय चिंतन व व्यवहार करने के लिए प्रोरित करना। 7. पशुपालन, ऊर्जा संग्रह, जल अपव्यय के प्रति जागरूरकता विकसित करना। अत: पर्यावरण अध्ययन के बारे में दिए गए तीनों कथन (I), (II) तथा (III) सही हैं क्योंकि पर्यावरण शिक्षा का उद्देश्य है सामाजिक एवं वातावरणीय कारकों के साथ अन्त:क्रिया करना एवं उसमें सुधार करना।