Correct Answer:
Option C - प्राचीन काल में, दीक्षा गुरु लड़कों को आध्यात्मिक ज्ञान और मार्गदर्शन देते थे। वे उपनयन संस्कार (ब्रह्मचर्य आश्रम में प्रवेश और विद्याध्ययन की शुरुआत का प्रतीक) के बाद लड़कों को शिक्षा देते थे और उनके चरित्र का निर्माण करते थे। इसलिए, दीक्षा गुरु लड़कों के आध्यात्मिक मार्गदर्शक थे।
C. प्राचीन काल में, दीक्षा गुरु लड़कों को आध्यात्मिक ज्ञान और मार्गदर्शन देते थे। वे उपनयन संस्कार (ब्रह्मचर्य आश्रम में प्रवेश और विद्याध्ययन की शुरुआत का प्रतीक) के बाद लड़कों को शिक्षा देते थे और उनके चरित्र का निर्माण करते थे। इसलिए, दीक्षा गुरु लड़कों के आध्यात्मिक मार्गदर्शक थे।