Geodetic surveying is different from plane surveying because of
आचार्य किशोरी दास बाजपेयी के मत से हिन्दी में कितने कारक हैं –
In April, 2019, the Election Commission of India exercised its powers under which article to prohibit the display/promotion of any biopic.promotional material during the enforcement of the model code of conduct
Which of the following is NOT correctly matched. निम्नलिखित में से कौन-सा सही सुमेलित नहीं है? (Wind/पवन) (Country/देश)
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Suraj starts his journey from point Q at 1 pm. He drives a car at the speed of 50 km/hr for the first three hours and complete the rest of the journey at the speed of 20 km/h. If Rahul starts moving towards the suraj at 6 p.m from points at the speed of 60 km/h, then at what time will he catch suraj? सूरज अपनी यात्रा बिन्दु Q से 1 अपराह्न पर आरंभ करता है। वह पहले तीन घंटे 50 कि.मी./घंटा की गति से कार चलाता है तथा शेष यात्रा को 20 कि.मी./घंटा की गति से पूरा करता है। यदि राहुल बिन्दु Q से 6 अपराह्न पर 60 कि.मी./घंटा की गति से सूरज की ओर चलना आरंभ करता है तो वह सूरज को किस समय पर पकड़ लेगा?
A declination of 5 degree west means _______/ 5 डिग्री पश्चिमी दिक्पात का क्या अर्थ है?
24 सितंबर 2025 को किस केंद्र शासित प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर लेह में बड़े पैमाने पर हिंसा और प्रदर्शन हुए?
GST stands for जीएसटी का तात्पर्य है
निर्देश : अधोलिखितं गद्यांशं पठित्वा 121-125 प्रश्नानां विकल्पात्मकोत्तरेभ्य: उचिततमम् उत्तरं चित्वा लिखत – स्वराज्यं हि नाम राष्ट्रस्य परमोत्कर्षधायकं तत्त्वम्। सर्वेषां स्वराष्ट्रीय प्रजाजनानां सम्मत्या प्रतिविध्यविधया प्रवर्तितं यद्राज्यं तत्स्वराज्यपदेन व्यपदिश्यते। तादृशस्वराज्योपलब्ध्यर्थमेव जनै: प्रयतितव्यम् इति ऋग्वेदेऽपि समुपदिष्टम्। वेदे स्वराज्य-महिमा वर्णनार्थमेकमखिलं सूक्तमेव पठ्यते तद्धि स्वराज्यसूक्तमिति नाम्ना कथ्यते। अन्यत्रापि बहुत्र स्वराज्य गुणगरिमाऽवलोक्यते। कस्यापि राष्टस्य कृते स्वराज्यसदृशमन्यत् भूतं प्रभूतं वैभवं नास्ति। एतेन ध्वन्यते प्रस्फुटं यत् प्रजातन्त्रं शासनमपि तदेवोत्कृष्टं यत्स्वराज्यसंवलितं भवेत्। एष प्रजातन्त्रप्रसङ्ग: अन्यत्रापि संस्कृतसाहित्ये दरीदृश्यते। प्रायश: वर्षाणां सहस्रद्वयी व्यतीयाय यदा राजनीति निपुण: कौटल्यापरनामधेय: आचार्य चाणक्य: बभूव। तेन कूटनीतिधुरंधरेण एकायत्तं नन्दवंश प्रशासनमुदिश्य मौर्यकुलभूषणं चन्द्रगुप्तं राज्यिंसहासने प्रतिष्ठापयामास। महान् राजनीतिज्ञ: कौटिल्य: चन्द्रगुप्तस्य कृते साम्राज्यधुरं निर्वोढुमर्थशास्त्रविधं लोक विश्रुतं राजनीतितन्त्रं प्रणिनाय। यत्र प्रजातन्त्रपद्धतिमेवावलभ्य राज्यतन्त्रं सञ्चालयितव्यमिति सर्वं सुनिपुणं प्रतिपादितम्। कौटिल्येन कस्य वंशस्य शासनम् उच्छेदितम्?
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