Correct Answer:
Option D - स्थिर ताप पर, किसी उत्क्रमणीय अभिक्रिया की अग्र और विपरीत अभिक्रियाओं के वेग स्थिरांको के अनुपात को अभिक्रिया का साम्य स्थिरांक कहते हैं।
साम्य स्थिरांक का मान अभिक्रिया की प्रकृति और ताप पर निर्भर करता है। उत्प्रेरक की उपस्थिति साम्य स्थिरांक के मान को प्रभावित नहीं करती है। उत्प्रेरक की उपस्थिति में अग्र और विपरीत दोनों अभिक्रियाओं के वेग समान रूप से बढ़ते हैं जिससे साम्यावस्था अधिक शीघ्रता से स्थापित हो जाती है परन्तु साम्य की स्थिति और साम्य स्थिरांक के मान में परिवर्तन नहीं होता है।
D. स्थिर ताप पर, किसी उत्क्रमणीय अभिक्रिया की अग्र और विपरीत अभिक्रियाओं के वेग स्थिरांको के अनुपात को अभिक्रिया का साम्य स्थिरांक कहते हैं।
साम्य स्थिरांक का मान अभिक्रिया की प्रकृति और ताप पर निर्भर करता है। उत्प्रेरक की उपस्थिति साम्य स्थिरांक के मान को प्रभावित नहीं करती है। उत्प्रेरक की उपस्थिति में अग्र और विपरीत दोनों अभिक्रियाओं के वेग समान रूप से बढ़ते हैं जिससे साम्यावस्था अधिक शीघ्रता से स्थापित हो जाती है परन्तु साम्य की स्थिति और साम्य स्थिरांक के मान में परिवर्तन नहीं होता है।