Correct Answer:
Option D - प्रसव के दौरान बच्चे के निकलने वाले हिस्से के सामने, आंतरिक ओएस के ऊपर स्थित भू्रण की रक्त वाहिका को वासा प्रेविया कहा जाता है। आंतरिक स्थितियों में एक प्लेसेंटा प्रीविया की स्थिति होती है जिसके कारण योनि से रक्तस्राव सबसे गंभीर खतरा होता है। प्लेसेंटा प्रीविया होने की संभावना तीसरी तिमाही में अधिक रहती है, यह संभावना तब होती है जब गर्भाशय की निचली परत प्रसव के लिए तैयार होते हुए पतली हो जाती है, इससे गर्भाशय ग्रीवा को ढक रही गर्भनाल से रक्तस्राव हो सकता है।
D. प्रसव के दौरान बच्चे के निकलने वाले हिस्से के सामने, आंतरिक ओएस के ऊपर स्थित भू्रण की रक्त वाहिका को वासा प्रेविया कहा जाता है। आंतरिक स्थितियों में एक प्लेसेंटा प्रीविया की स्थिति होती है जिसके कारण योनि से रक्तस्राव सबसे गंभीर खतरा होता है। प्लेसेंटा प्रीविया होने की संभावना तीसरी तिमाही में अधिक रहती है, यह संभावना तब होती है जब गर्भाशय की निचली परत प्रसव के लिए तैयार होते हुए पतली हो जाती है, इससे गर्भाशय ग्रीवा को ढक रही गर्भनाल से रक्तस्राव हो सकता है।