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Q: इलेक्ट्रिक आर्क वेल्डिंग में प्रयोग की जाने वाली आर्क होती है
  • A. हाई वोल्टेज, हाई करेंट डिस्चार्ज
  • B. लो वोल्टेज, लो करेंट डिस्चार्ज
  • C. लो वोल्टेज, हाई करेंट डिस्चार्ज
  • D. हाई वोल्टेज, लो करेंट डिस्चार्ज
Correct Answer: Option C - इलेक्ट्रिक आर्क वेल्डिंग में, लो वोल्टेज तथा हाई करेंट डिस्चार्ज वाली आर्क प्रयोग करते हैं। इसमें इलेक्ट्रोड और कार्यखण्ड के मध्य 1 mm से 10 mm तक के रिक्त स्थान में आर्क उत्पन्न की जाती है। इसमें प्रतिरोध शक्ति को 12Ω से प्रदर्शित करते हैं। यही प्रतिरोध शक्ति, उष्मा उत्पन्न करने का मुख्य स्रोत बनती है। और इसी उष्मा में इलेक्ट्रोड का सिरा गर्म होकर पिघलने की स्थिति में आ जाता है और फिर वेल्डिंग प्रक्रिया पूर्ण होती है। आर्क का तापमान 3500⁰C तक पहुँच जाता है।
C. इलेक्ट्रिक आर्क वेल्डिंग में, लो वोल्टेज तथा हाई करेंट डिस्चार्ज वाली आर्क प्रयोग करते हैं। इसमें इलेक्ट्रोड और कार्यखण्ड के मध्य 1 mm से 10 mm तक के रिक्त स्थान में आर्क उत्पन्न की जाती है। इसमें प्रतिरोध शक्ति को 12Ω से प्रदर्शित करते हैं। यही प्रतिरोध शक्ति, उष्मा उत्पन्न करने का मुख्य स्रोत बनती है। और इसी उष्मा में इलेक्ट्रोड का सिरा गर्म होकर पिघलने की स्थिति में आ जाता है और फिर वेल्डिंग प्रक्रिया पूर्ण होती है। आर्क का तापमान 3500⁰C तक पहुँच जाता है।

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इलेक्ट्रिक आर्क वेल्डिंग में, लो वोल्टेज तथा हाई करेंट डिस्चार्ज वाली आर्क प्रयोग करते हैं। इसमें इलेक्ट्रोड और कार्यखण्ड के मध्य 1 mm से 10 mm तक के रिक्त स्थान में आर्क उत्पन्न की जाती है। इसमें प्रतिरोध शक्ति को 12Ω से प्रदर्शित करते हैं। यही प्रतिरोध शक्ति, उष्मा उत्पन्न करने का मुख्य स्रोत बनती है। और इसी उष्मा में इलेक्ट्रोड का सिरा गर्म होकर पिघलने की स्थिति में आ जाता है और फिर वेल्डिंग प्रक्रिया पूर्ण होती है। आर्क का तापमान 3500⁰C तक पहुँच जाता है।