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Q: इलेक्ट्रोडों का उत्पादन दो स्टैण्डर्ड लम्बाइयों में किया जाता है जो कि हैं –
  • A. 250 मिमी. और 350 मिमी.
  • B. 350 मिमी. और 450 मिमी.
  • C. 400 मिमी. और 500 मिमी.
  • D. 10'' और 18''
Correct Answer: Option B - इलेक्ट्रोडों का उत्पादन दो स्टैण्डर्ड लम्बाइयों में किया जाता है जो क्रमश: 350 मिमी० और 450 मिमी० होती है। आर्क वेल्डिंग में करंट कार्यखण्ड के माध्यम से संवहित (Conduct) होता है तथा दो भागों में फ्यूज करता है। प्रक्रम के अनुसार इलेक्ट्रोड कन्जूमेबल तथा नान कन्जूमेबल तरह के होते हैं। जैसे TIG (Tungsten inert gas welding) में नान कन्जूमेबल तथा MIG, Welding में कन्जूमेबल इलेक्ट्रोड प्रयुक्त होता है।
B. इलेक्ट्रोडों का उत्पादन दो स्टैण्डर्ड लम्बाइयों में किया जाता है जो क्रमश: 350 मिमी० और 450 मिमी० होती है। आर्क वेल्डिंग में करंट कार्यखण्ड के माध्यम से संवहित (Conduct) होता है तथा दो भागों में फ्यूज करता है। प्रक्रम के अनुसार इलेक्ट्रोड कन्जूमेबल तथा नान कन्जूमेबल तरह के होते हैं। जैसे TIG (Tungsten inert gas welding) में नान कन्जूमेबल तथा MIG, Welding में कन्जूमेबल इलेक्ट्रोड प्रयुक्त होता है।

Explanations:

इलेक्ट्रोडों का उत्पादन दो स्टैण्डर्ड लम्बाइयों में किया जाता है जो क्रमश: 350 मिमी० और 450 मिमी० होती है। आर्क वेल्डिंग में करंट कार्यखण्ड के माध्यम से संवहित (Conduct) होता है तथा दो भागों में फ्यूज करता है। प्रक्रम के अनुसार इलेक्ट्रोड कन्जूमेबल तथा नान कन्जूमेबल तरह के होते हैं। जैसे TIG (Tungsten inert gas welding) में नान कन्जूमेबल तथा MIG, Welding में कन्जूमेबल इलेक्ट्रोड प्रयुक्त होता है।