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Q: महायान, बौद्ध धर्म की आरंभिक मान्यताओं से निम्न में से किन कारणों से भिन्न था? A. इसमें बुद्ध की उपस्थिति संकेतों द्वारा दर्शायी गई B. इसमें बोधिसत्व एकांतवास में रहते थे C. इसमें बुद्ध की प्रतिमाएँ बनाई गई थीं D. बोधिसत्व अन्य लोगों को शिक्षा देने के लिए सांसारिक परिवेश में रम गए एक सही विकल्प का चयन कीजिए।
  • A. A और B सही हैं
  • B. B और C सही हैं
  • C. C और D सही हैं
  • D. A और D सही हैं
Correct Answer: Option C - महायान, बौद्ध धर्म की आरंभिक मान्यताओं में से बुद्ध की प्रतिमाएँ बनाई गई थीं। बोधिसत्व अन्य लोगों को शिक्षा देने के लिए सांसारिक परिवेश में रम गये। इस प्रकार (C) और (D) कथन सत्य हैं। महायान भी आरम्भिक मान्यताओं से भिन्न था तथा दूसरा परिवर्तन बोधिसत्व में आस्था लेकर आया, बोधिसत्व उन्हें कहते है। जो ज्ञान प्राप्ति के बाद एकांतवास करते हुए ध्यान साधना कर सकते थे। कुषाणों का सबसे प्रसिद्ध राजा कनिष्क था। उसने एक बौद्ध परिषद का गठन किया, जिसमें एकत्र होकर विद्वान महत्वपूर्ण विषयों पर विचार विमर्श करते थे। इसी समय बौद्ध धर्म की एक नई धारा महायान का विकास हुआ।
C. महायान, बौद्ध धर्म की आरंभिक मान्यताओं में से बुद्ध की प्रतिमाएँ बनाई गई थीं। बोधिसत्व अन्य लोगों को शिक्षा देने के लिए सांसारिक परिवेश में रम गये। इस प्रकार (C) और (D) कथन सत्य हैं। महायान भी आरम्भिक मान्यताओं से भिन्न था तथा दूसरा परिवर्तन बोधिसत्व में आस्था लेकर आया, बोधिसत्व उन्हें कहते है। जो ज्ञान प्राप्ति के बाद एकांतवास करते हुए ध्यान साधना कर सकते थे। कुषाणों का सबसे प्रसिद्ध राजा कनिष्क था। उसने एक बौद्ध परिषद का गठन किया, जिसमें एकत्र होकर विद्वान महत्वपूर्ण विषयों पर विचार विमर्श करते थे। इसी समय बौद्ध धर्म की एक नई धारा महायान का विकास हुआ।

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महायान, बौद्ध धर्म की आरंभिक मान्यताओं में से बुद्ध की प्रतिमाएँ बनाई गई थीं। बोधिसत्व अन्य लोगों को शिक्षा देने के लिए सांसारिक परिवेश में रम गये। इस प्रकार (C) और (D) कथन सत्य हैं। महायान भी आरम्भिक मान्यताओं से भिन्न था तथा दूसरा परिवर्तन बोधिसत्व में आस्था लेकर आया, बोधिसत्व उन्हें कहते है। जो ज्ञान प्राप्ति के बाद एकांतवास करते हुए ध्यान साधना कर सकते थे। कुषाणों का सबसे प्रसिद्ध राजा कनिष्क था। उसने एक बौद्ध परिषद का गठन किया, जिसमें एकत्र होकर विद्वान महत्वपूर्ण विषयों पर विचार विमर्श करते थे। इसी समय बौद्ध धर्म की एक नई धारा महायान का विकास हुआ।