Correct Answer:
Option A - कजॉन के नियमानुसार, जितना बड़ा आयन होगा, आयनिक बंधन का सहसंयोजन उतना ही मजबूत होगा।
सहसंयोजी गुण बढ़ने पर गलनांक घटता है। क्लोराइड में उच्च आवेश प्रति आयतन अनुपात होता है, जबकि आयोडाइड में प्रति आयतन आवेश बहुत कम होता है और आवर्त समूह में नीचे ले जाने पर यह घट जाता है। उच्च आवेश से आयतन अनुपात के द्वारा बंध को तोड़ने में कठिनाई होती है।
अत: सही क्रम होगा-
Cal₂ < CaBr₂ < CaCl₂ < CaF₂
A. कजॉन के नियमानुसार, जितना बड़ा आयन होगा, आयनिक बंधन का सहसंयोजन उतना ही मजबूत होगा।
सहसंयोजी गुण बढ़ने पर गलनांक घटता है। क्लोराइड में उच्च आवेश प्रति आयतन अनुपात होता है, जबकि आयोडाइड में प्रति आयतन आवेश बहुत कम होता है और आवर्त समूह में नीचे ले जाने पर यह घट जाता है। उच्च आवेश से आयतन अनुपात के द्वारा बंध को तोड़ने में कठिनाई होती है।
अत: सही क्रम होगा-
Cal₂ < CaBr₂ < CaCl₂ < CaF₂