Correct Answer:
Option A - यदि प्राथमिक घाटे में ब्याज भुगतान जोड़ा जाये तो राजकोषीय घाटा प्राप्त होता है अर्थात्
प्राथमिक घाटा = राजकोषीय घाटा ─ ब्याज भुगतान
या राजकोषीय घाटा = प्राथमिक घाटा + ब्याज भुगतान
एक वित्तीय वर्ष में व्यय किये गये सम्पूर्ण मदों में ब्याज भुगतान एक ऐसा मद है जो कि संबंधित वर्ष के लिए प्राथमिक रूप में उत्तरदायी नहीं होता है बल्कि यह विगत वर्ष में लिये गये ऋणों के लिए किया जाता है। यदि ब्याज भुगतान का आकार राजकोषीय घाटे के समान हो तो प्राथमिक घाटा शून्य होगा। केन्द्रीय बजट 2022-23 के अनुसार वर्ष 2022-23 में प्राथमिक घाटा 2.8% अनुमानित है।
A. यदि प्राथमिक घाटे में ब्याज भुगतान जोड़ा जाये तो राजकोषीय घाटा प्राप्त होता है अर्थात्
प्राथमिक घाटा = राजकोषीय घाटा ─ ब्याज भुगतान
या राजकोषीय घाटा = प्राथमिक घाटा + ब्याज भुगतान
एक वित्तीय वर्ष में व्यय किये गये सम्पूर्ण मदों में ब्याज भुगतान एक ऐसा मद है जो कि संबंधित वर्ष के लिए प्राथमिक रूप में उत्तरदायी नहीं होता है बल्कि यह विगत वर्ष में लिये गये ऋणों के लिए किया जाता है। यदि ब्याज भुगतान का आकार राजकोषीय घाटे के समान हो तो प्राथमिक घाटा शून्य होगा। केन्द्रीय बजट 2022-23 के अनुसार वर्ष 2022-23 में प्राथमिक घाटा 2.8% अनुमानित है।