search
Q: If children are given an opportunity to interact by the teacher, which of the following can result?/यदि बच्चों को शिक्षक द्वारा बातचीत करने का अवसर दिया जाता है, निम्न में से कौन सा परिणाम हो सकता है?
  • A. They will become used to writing more/ उन्हें और लिखने की आदत हो जाएगी
  • B. They will be able to express their feeling and thoughts/वे अपनी भावनाओं और विचारों को व्यक्त करने में सक्षम होंगे
  • C. They will become lazy/व आलसी हो जाएंगें
  • D. They will expertise in a game/ वे एक खेल में विशेषता हासिल करेंगे
Correct Answer: Option B - जब बच्चे अपने शिक्षक के साथ बातचीत करते है तो वे अपनी भावनाओं और विचारों को व्यक्त करने में सक्षम हो जाते है। बच्चा सबसे पहले अपनी माँ के संपर्क में आकर अपनी भावनाओं को शारीरिक गतिविधियों से अभिव्यक्ति करता है इसके बाद वह परिवार के अन्य सदस्यों के साथ संपर्क में आता है। बच्चों का भावात्मक पक्ष काफी नाजुक व संवेदनशील होता है। वह हर किसी से अपनी भावनाओं और विचारों को अभिव्यक्त नहीं कर पाते। इसलिए शिक्षक को इस प्रकार प्रशिक्षित होना चाहिए जिससे छात्र अपनी भावनाओं और विचारों को अभिव्यक्त कर सकें । ऐसा करने से बच्चों के जीवन का अन्य पहलु को मार्गदर्शित करने में अध्यापक की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
B. जब बच्चे अपने शिक्षक के साथ बातचीत करते है तो वे अपनी भावनाओं और विचारों को व्यक्त करने में सक्षम हो जाते है। बच्चा सबसे पहले अपनी माँ के संपर्क में आकर अपनी भावनाओं को शारीरिक गतिविधियों से अभिव्यक्ति करता है इसके बाद वह परिवार के अन्य सदस्यों के साथ संपर्क में आता है। बच्चों का भावात्मक पक्ष काफी नाजुक व संवेदनशील होता है। वह हर किसी से अपनी भावनाओं और विचारों को अभिव्यक्त नहीं कर पाते। इसलिए शिक्षक को इस प्रकार प्रशिक्षित होना चाहिए जिससे छात्र अपनी भावनाओं और विचारों को अभिव्यक्त कर सकें । ऐसा करने से बच्चों के जीवन का अन्य पहलु को मार्गदर्शित करने में अध्यापक की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

Explanations:

जब बच्चे अपने शिक्षक के साथ बातचीत करते है तो वे अपनी भावनाओं और विचारों को व्यक्त करने में सक्षम हो जाते है। बच्चा सबसे पहले अपनी माँ के संपर्क में आकर अपनी भावनाओं को शारीरिक गतिविधियों से अभिव्यक्ति करता है इसके बाद वह परिवार के अन्य सदस्यों के साथ संपर्क में आता है। बच्चों का भावात्मक पक्ष काफी नाजुक व संवेदनशील होता है। वह हर किसी से अपनी भावनाओं और विचारों को अभिव्यक्त नहीं कर पाते। इसलिए शिक्षक को इस प्रकार प्रशिक्षित होना चाहिए जिससे छात्र अपनी भावनाओं और विचारों को अभिव्यक्त कर सकें । ऐसा करने से बच्चों के जीवन का अन्य पहलु को मार्गदर्शित करने में अध्यापक की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।