Correct Answer:
Option B - यदि कोई अंकेक्षक कम्पनी अधिनियम की धारा 143 व 145 के अनुपालन में त्रुटि करता है और वह इन धाराओं के अन्तर्गत अपना प्रतिवेदन (Report) नहीं देता है या किसी प्रलेख पर हस्ताक्षर या प्रमाणित नहीं करता है तो उस पर 1 लाख रुपये से 25 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
B. यदि कोई अंकेक्षक कम्पनी अधिनियम की धारा 143 व 145 के अनुपालन में त्रुटि करता है और वह इन धाराओं के अन्तर्गत अपना प्रतिवेदन (Report) नहीं देता है या किसी प्रलेख पर हस्ताक्षर या प्रमाणित नहीं करता है तो उस पर 1 लाख रुपये से 25 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।