Correct Answer:
Option B - लवणसेतु एक U- आकृति वाली प्रतीपन नलिका होती है- जिसमें एक अक्रिय विद्युत अपघट्य वाली जैली के समान परत उपस्थित होती है। अक्रिय विद्युत अपघट्य वे पदार्थ होते है जिनके आयन विद्युत-रासायनिक परिवर्तन में भाग नहीं लेते है तथा इलेक्ट्रोडो पर आयन न तो ऑक्सीकृत होते है और न ही अपचयित होते है। ये प्राय: KCl, KNO₃ तथा NH₄NO₃ लवणों के होते हैं। लवण सेतु अगर जेली (agar Jelly) से बनाये जाते है। जैली विद्युत अपद्यट्य को अर्द्धठोस अवस्था में रखती है तथा सेतु में से विलयनो को मिलने से रोकती है। लवण सेतु का कार्य, दो अर्द्धसैल की विद्युत इलेक्ट्रॉन की स्थिति को बनाये रखता है। यदि लवण सेतु का उपयोग न करे तो दोनो विलयन मिल जायेंगे और क्षमता शून्य हो जायेगी।
B. लवणसेतु एक U- आकृति वाली प्रतीपन नलिका होती है- जिसमें एक अक्रिय विद्युत अपघट्य वाली जैली के समान परत उपस्थित होती है। अक्रिय विद्युत अपघट्य वे पदार्थ होते है जिनके आयन विद्युत-रासायनिक परिवर्तन में भाग नहीं लेते है तथा इलेक्ट्रोडो पर आयन न तो ऑक्सीकृत होते है और न ही अपचयित होते है। ये प्राय: KCl, KNO₃ तथा NH₄NO₃ लवणों के होते हैं। लवण सेतु अगर जेली (agar Jelly) से बनाये जाते है। जैली विद्युत अपद्यट्य को अर्द्धठोस अवस्था में रखती है तथा सेतु में से विलयनो को मिलने से रोकती है। लवण सेतु का कार्य, दो अर्द्धसैल की विद्युत इलेक्ट्रॉन की स्थिति को बनाये रखता है। यदि लवण सेतु का उपयोग न करे तो दोनो विलयन मिल जायेंगे और क्षमता शून्य हो जायेगी।