Correct Answer:
Option D - आर्द्रता हवा में मौजूद जलवाष्प की मात्रा है। यह आद्र्रता पृथ्वी से वाष्पीकरण के विभिन्न रूपों द्वारा वायुमण्डल में पहुँचती है। आर्द्रता का जलवायु विज्ञान में सर्वाधिक महत्व है क्योंकि इसी पर वर्षा तथा वर्षण के विभिन्न रूप जैसे वायुमण्डलीय तूफान तथा विक्षोभ (चक्रवात) आदि आधारित होते हैं।
वायु के निश्चित आयतन या उसमें उपस्थित कुल नमी की मात्रा को निरपेक्ष आर्द्रता कहते हैं। यह आर्द्र वायु के निश्चित आयतन पर जलवाष्प के भार को प्रदर्शित करती है। इसे ‘‘घन सेमी. प्रति ग्राम’’ में प्रदर्शित करते हैं।
D. आर्द्रता हवा में मौजूद जलवाष्प की मात्रा है। यह आद्र्रता पृथ्वी से वाष्पीकरण के विभिन्न रूपों द्वारा वायुमण्डल में पहुँचती है। आर्द्रता का जलवायु विज्ञान में सर्वाधिक महत्व है क्योंकि इसी पर वर्षा तथा वर्षण के विभिन्न रूप जैसे वायुमण्डलीय तूफान तथा विक्षोभ (चक्रवात) आदि आधारित होते हैं।
वायु के निश्चित आयतन या उसमें उपस्थित कुल नमी की मात्रा को निरपेक्ष आर्द्रता कहते हैं। यह आर्द्र वायु के निश्चित आयतन पर जलवाष्प के भार को प्रदर्शित करती है। इसे ‘‘घन सेमी. प्रति ग्राम’’ में प्रदर्शित करते हैं।