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Q: रेयॉन रेशे का व्यास निर्भर करता है -
  • A. कच्ची सामग्री पर
  • B. कोलॉयडल घोल पर
  • C. स्पीनरेट के छिद्रों पर
  • D. रेशे को खींचने की गति पर
Correct Answer: Option C - स्पीनरेट के छिद्रों पर रेयॉन रेशे का व्यास निर्भर करता है। सेल्यूलोज के द्रव पदार्थ को अँगूठे के आकार की धात्विक टोपी के छिद्रों में से दबाव द्वारा निकाला जाता है। इन छिद्रों (Nozzle) को स्पीनरेट (Spinneret) कहा जाता है, क्योंकि यह उसी प्रकार कार्य करता है जिस प्रकार रेशम के कीड़े के स्पीनरेट द्वारा किया जाता है। स्पीनरेट के छिद्रों की संख्या 1 से 20,000 तक होती है, जिसमें से समान आकार का फिलामेंट बाहर निकलता जाता है।
C. स्पीनरेट के छिद्रों पर रेयॉन रेशे का व्यास निर्भर करता है। सेल्यूलोज के द्रव पदार्थ को अँगूठे के आकार की धात्विक टोपी के छिद्रों में से दबाव द्वारा निकाला जाता है। इन छिद्रों (Nozzle) को स्पीनरेट (Spinneret) कहा जाता है, क्योंकि यह उसी प्रकार कार्य करता है जिस प्रकार रेशम के कीड़े के स्पीनरेट द्वारा किया जाता है। स्पीनरेट के छिद्रों की संख्या 1 से 20,000 तक होती है, जिसमें से समान आकार का फिलामेंट बाहर निकलता जाता है।

Explanations:

स्पीनरेट के छिद्रों पर रेयॉन रेशे का व्यास निर्भर करता है। सेल्यूलोज के द्रव पदार्थ को अँगूठे के आकार की धात्विक टोपी के छिद्रों में से दबाव द्वारा निकाला जाता है। इन छिद्रों (Nozzle) को स्पीनरेट (Spinneret) कहा जाता है, क्योंकि यह उसी प्रकार कार्य करता है जिस प्रकार रेशम के कीड़े के स्पीनरेट द्वारा किया जाता है। स्पीनरेट के छिद्रों की संख्या 1 से 20,000 तक होती है, जिसमें से समान आकार का फिलामेंट बाहर निकलता जाता है।