Correct Answer:
Option C - जब किसी माध्यम में तरंग गति की दिशा माध्यम के कणों के कम्पन करने की दिशा के अनुदिश या समान्तर होती है, तो ऐसी तरंगों को अनुदैर्घ्य तरंगें कहते हैं। अनुदैध्र्य तरंगें सभी माध्यम में उत्पन्न की जा सकती है। ये तरंगें संपीडन और विरलन के रूप में संचारित होती है। वायु में उत्पन्न तरंगें, भूकम्प तरंगें, स्प्रिंग में उत्पन्न तरंगें आदि सभी अनुदैर्घ्य तरंगें होती हैं।
C. जब किसी माध्यम में तरंग गति की दिशा माध्यम के कणों के कम्पन करने की दिशा के अनुदिश या समान्तर होती है, तो ऐसी तरंगों को अनुदैर्घ्य तरंगें कहते हैं। अनुदैध्र्य तरंगें सभी माध्यम में उत्पन्न की जा सकती है। ये तरंगें संपीडन और विरलन के रूप में संचारित होती है। वायु में उत्पन्न तरंगें, भूकम्प तरंगें, स्प्रिंग में उत्पन्न तरंगें आदि सभी अनुदैर्घ्य तरंगें होती हैं।