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Q: हड़प्पा सभ्यता का कौन सा शहर विशिष्ट रूप से मनके बनाना, सीप काटना, धातु की वस्तुएं बनाना, मुहर बनाना और तराजू का निर्माण करना आदि कार्यों सहित शिल्प उत्पादन के लिए समर्पित था?
  • A. मोहनजोदड़ों
  • B. नागेश्वर
  • C. हड़प्पा
  • D. चन्हुदड़ों
Correct Answer: Option D - मोहनजोदड़ो से 80 मील दक्षिण में स्थित चन्हूदड़ो की खोज सर्वप्रथम 1931 में एम. जी. मजूमदार ने की थीं। यहाँ सैंधव संस्कृति के अतिरिक्त प्राक हड़प्पा संस्कृति जिसे झूकर एवं झाकर संस्कृति कहते है, के अवशेष मिले हैं। यहाँ के निवासी कुशल कारीगर थे, इसका प्रमाण इस बात से मिलता है कि यह मनके, सीप, मुहर तथा मुद्रा बनाने का प्रमुख केन्द्र था। यह एक मात्र स्थल है, जहाँ से वक्राकार ईंटें मिली है।
D. मोहनजोदड़ो से 80 मील दक्षिण में स्थित चन्हूदड़ो की खोज सर्वप्रथम 1931 में एम. जी. मजूमदार ने की थीं। यहाँ सैंधव संस्कृति के अतिरिक्त प्राक हड़प्पा संस्कृति जिसे झूकर एवं झाकर संस्कृति कहते है, के अवशेष मिले हैं। यहाँ के निवासी कुशल कारीगर थे, इसका प्रमाण इस बात से मिलता है कि यह मनके, सीप, मुहर तथा मुद्रा बनाने का प्रमुख केन्द्र था। यह एक मात्र स्थल है, जहाँ से वक्राकार ईंटें मिली है।

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मोहनजोदड़ो से 80 मील दक्षिण में स्थित चन्हूदड़ो की खोज सर्वप्रथम 1931 में एम. जी. मजूमदार ने की थीं। यहाँ सैंधव संस्कृति के अतिरिक्त प्राक हड़प्पा संस्कृति जिसे झूकर एवं झाकर संस्कृति कहते है, के अवशेष मिले हैं। यहाँ के निवासी कुशल कारीगर थे, इसका प्रमाण इस बात से मिलता है कि यह मनके, सीप, मुहर तथा मुद्रा बनाने का प्रमुख केन्द्र था। यह एक मात्र स्थल है, जहाँ से वक्राकार ईंटें मिली है।