Correct Answer:
Option C - ‘‘हस्तलिखित’’ में करण तत्पुरुष समास पाया जाता है।
तत्पुरुष समास में उत्तर पद (बाद का) प्रधान होता है तथा पूर्व पद एवं उत्तर पद के बीच कारक चिह्न का लोप होता है। तत्पुरुष समास के छ: भेद हैं–
• कर्म तत्पुरुष (द्वितीया तत्पुरुष)–कर्मकारक की विभक्ति ‘को’ का लोप होता है। जैसे– गगनचुम्बी–गगन को चूमनेवाला
• करण तत्पुरुष (तृतीया तत्पुरुष)–करण कारक की विभक्ति ‘से’ ‘के द्वारा’ का लोप होता है।
जैसे– करुणापूर्ण – करुणा से पूर्ण। सूररचित – सूर के द्वारा रचित।
• सम्प्रदान तत्पुरुष (चतुर्थी तत्पुरुष)–‘के लिए’ विभक्ति का लोप होता है। जैसे– प्रयोगशाला – प्रयोग के लिए शाला।
• अपादान तत्पुरुष (पंचमी तत्पुरुष)–अलग होने वाले, भाव वाली विभक्ति ‘से’ का लोप होता है। जैसे–पथभ्रष्ट-पथ से भ्रष्ट।
• सम्बन्ध तत्पुरुष (षष्ठी तत्पुरुष)–सम्बन्ध कारक की विभक्ति ‘का’, ‘की’, ‘के’ का लोप होता है। जैसे–राजपुत्र–राजा का पुत्र।
• अधिकरण तत्पुरुष (सप्तमी त.)–अधिकरण कारक की विभक्ति ‘मे’, ‘पर’ का लोप होता है। जैसे–शोक में मग्न, आपबीती – आप पर बीती।
C. ‘‘हस्तलिखित’’ में करण तत्पुरुष समास पाया जाता है।
तत्पुरुष समास में उत्तर पद (बाद का) प्रधान होता है तथा पूर्व पद एवं उत्तर पद के बीच कारक चिह्न का लोप होता है। तत्पुरुष समास के छ: भेद हैं–
• कर्म तत्पुरुष (द्वितीया तत्पुरुष)–कर्मकारक की विभक्ति ‘को’ का लोप होता है। जैसे– गगनचुम्बी–गगन को चूमनेवाला
• करण तत्पुरुष (तृतीया तत्पुरुष)–करण कारक की विभक्ति ‘से’ ‘के द्वारा’ का लोप होता है।
जैसे– करुणापूर्ण – करुणा से पूर्ण। सूररचित – सूर के द्वारा रचित।
• सम्प्रदान तत्पुरुष (चतुर्थी तत्पुरुष)–‘के लिए’ विभक्ति का लोप होता है। जैसे– प्रयोगशाला – प्रयोग के लिए शाला।
• अपादान तत्पुरुष (पंचमी तत्पुरुष)–अलग होने वाले, भाव वाली विभक्ति ‘से’ का लोप होता है। जैसे–पथभ्रष्ट-पथ से भ्रष्ट।
• सम्बन्ध तत्पुरुष (षष्ठी तत्पुरुष)–सम्बन्ध कारक की विभक्ति ‘का’, ‘की’, ‘के’ का लोप होता है। जैसे–राजपुत्र–राजा का पुत्र।
• अधिकरण तत्पुरुष (सप्तमी त.)–अधिकरण कारक की विभक्ति ‘मे’, ‘पर’ का लोप होता है। जैसे–शोक में मग्न, आपबीती – आप पर बीती।