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Q: ‘हँसना’ कैसी क्रिया है?
  • A. सकर्मक क्रिया
  • B. अकर्मक क्रिया
  • C. संयुक्त क्रिया
  • D. प्रेरणार्थक क्रिया
Correct Answer: Option B - ‘हँसना’ एक अकर्मक क्रिया है। जिस क्रिया का फल, कर्म पर न पड़कर कर्ता पर पड़ता है, उसे अकर्मक क्रिया कहते हैं। इसमें किसी कर्म की आवश्यकता नहीं होती। जैसे-सोना, उड़ना, भागना, नाचना आदि।
B. ‘हँसना’ एक अकर्मक क्रिया है। जिस क्रिया का फल, कर्म पर न पड़कर कर्ता पर पड़ता है, उसे अकर्मक क्रिया कहते हैं। इसमें किसी कर्म की आवश्यकता नहीं होती। जैसे-सोना, उड़ना, भागना, नाचना आदि।

Explanations:

‘हँसना’ एक अकर्मक क्रिया है। जिस क्रिया का फल, कर्म पर न पड़कर कर्ता पर पड़ता है, उसे अकर्मक क्रिया कहते हैं। इसमें किसी कर्म की आवश्यकता नहीं होती। जैसे-सोना, उड़ना, भागना, नाचना आदि।