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Q: हंस के किस गुण का वर्णन किया गया है?
  • A. श्वेतवर्ण का
  • B. सुन्दरगति का
  • C. नीरक्षीरविवेक का
  • D. मधुरवाणी का
Correct Answer: Option C - हंस के ‘नीरक्षीरविवेक’ रूप गुण का वर्णन करते हुए उसे अपने कुलव्रत के पालन में लगे रहने के लिए कहा गया है। क्योंकि क्षीर (दूध) और नीर (जल) को विलग करने का उत्तम गुण हंस में ही पाया जाता है।
C. हंस के ‘नीरक्षीरविवेक’ रूप गुण का वर्णन करते हुए उसे अपने कुलव्रत के पालन में लगे रहने के लिए कहा गया है। क्योंकि क्षीर (दूध) और नीर (जल) को विलग करने का उत्तम गुण हंस में ही पाया जाता है।

Explanations:

हंस के ‘नीरक्षीरविवेक’ रूप गुण का वर्णन करते हुए उसे अपने कुलव्रत के पालन में लगे रहने के लिए कहा गया है। क्योंकि क्षीर (दूध) और नीर (जल) को विलग करने का उत्तम गुण हंस में ही पाया जाता है।