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Q: ––––– has been applied in developing several chronologies of teaching. शिक्षण की कई तकनीकों को विकसित करने में ______ का उपयोग किया गया है।
  • A. Operant conditioning/स्फूर्त अनुकूलन
  • B. Observational conditioning/अवलोकन अनुकूलन
  • C. Inefficient conditioning/अप्रभावी अनुकूलन
  • D. Classical conditioning/शास्त्रीय अनुकूलन
Correct Answer: Option A - शिक्षण की कई तकनीकों को विकसित करने में स्फूर्त अनुकूलन को लागू किया गया है। बी०एफ० स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुकूलन/स्फूर्त अनुकूलन सिद्धान्त को अनुसार व्यवहार के परिणाम, क्रिया के होने की संभावना की प्रभावित करते है। एक व्यवहार जिसके पश्चात एक सुखदायक उद्दीपक जुड़ा हो, उसके बार-बार होने की संभावना अधिक होती है, लेकिन यदि दूसरा व्यवहार किसी दंडात्मक उद्दीपक से जुड़ा हो तो उसके होने की संभावना कम हो जाती है। अत: स्किनर के मत में प्रत्येक पुर्नबलन, अनुक्रिया को करने के लिए प्रेरित करता है।
A. शिक्षण की कई तकनीकों को विकसित करने में स्फूर्त अनुकूलन को लागू किया गया है। बी०एफ० स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुकूलन/स्फूर्त अनुकूलन सिद्धान्त को अनुसार व्यवहार के परिणाम, क्रिया के होने की संभावना की प्रभावित करते है। एक व्यवहार जिसके पश्चात एक सुखदायक उद्दीपक जुड़ा हो, उसके बार-बार होने की संभावना अधिक होती है, लेकिन यदि दूसरा व्यवहार किसी दंडात्मक उद्दीपक से जुड़ा हो तो उसके होने की संभावना कम हो जाती है। अत: स्किनर के मत में प्रत्येक पुर्नबलन, अनुक्रिया को करने के लिए प्रेरित करता है।

Explanations:

शिक्षण की कई तकनीकों को विकसित करने में स्फूर्त अनुकूलन को लागू किया गया है। बी०एफ० स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुकूलन/स्फूर्त अनुकूलन सिद्धान्त को अनुसार व्यवहार के परिणाम, क्रिया के होने की संभावना की प्रभावित करते है। एक व्यवहार जिसके पश्चात एक सुखदायक उद्दीपक जुड़ा हो, उसके बार-बार होने की संभावना अधिक होती है, लेकिन यदि दूसरा व्यवहार किसी दंडात्मक उद्दीपक से जुड़ा हो तो उसके होने की संभावना कम हो जाती है। अत: स्किनर के मत में प्रत्येक पुर्नबलन, अनुक्रिया को करने के लिए प्रेरित करता है।