Correct Answer:
Option B - प्रत्येक मनुष्य जन्म से लेकर मृत्यु तक विकास की कई अवस्थाओं से होकर गु़जरता है। उसका मानसिक, भाषायी, संवेगात्मक, सामाजिक और चारित्रिक विकास निरन्तर होता रहता है यह सब विकास उसके विभिन्न आयु स्तरों पर भिन्न-भिन्न रूप में होता है। इन आयु स्तरों को ही विकास की अवस्थाएँ कहते हैं। भिन्न-भिन्न मनोवैज्ञानिकों ने मानव विकास की अवस्थाओं को भिन्न-भिन्न रूप में वर्गीकृत किया है। जैसे हरलॉक ने किशोरावस्था पूर्ण काल के अन्तर्गत विभिन्न अवधियों का सुझाव दिया। जिसमें इन्होंने पूर्व किशोरावस्था की अवधि 10 से 12 वर्ष तक प्रारम्भिक किशोरावस्था की अवधि 13 से 16 वर्ष तक तथा विलंबित किशोरावस्था की अवधि 17 से 21 वर्ष तक बताई गई है।
B. प्रत्येक मनुष्य जन्म से लेकर मृत्यु तक विकास की कई अवस्थाओं से होकर गु़जरता है। उसका मानसिक, भाषायी, संवेगात्मक, सामाजिक और चारित्रिक विकास निरन्तर होता रहता है यह सब विकास उसके विभिन्न आयु स्तरों पर भिन्न-भिन्न रूप में होता है। इन आयु स्तरों को ही विकास की अवस्थाएँ कहते हैं। भिन्न-भिन्न मनोवैज्ञानिकों ने मानव विकास की अवस्थाओं को भिन्न-भिन्न रूप में वर्गीकृत किया है। जैसे हरलॉक ने किशोरावस्था पूर्ण काल के अन्तर्गत विभिन्न अवधियों का सुझाव दिया। जिसमें इन्होंने पूर्व किशोरावस्था की अवधि 10 से 12 वर्ष तक प्रारम्भिक किशोरावस्था की अवधि 13 से 16 वर्ष तक तथा विलंबित किशोरावस्था की अवधि 17 से 21 वर्ष तक बताई गई है।