Correct Answer:
Option B - ‘चाहिये’ अर्थ में ‘तव्यत्’ प्रत्यय प्रयुक्त होता है। ‘चाहिए’ वाला भाव कर्त्तृवाच्य में ‘विधिलिङ्ग’ लकार से सूचित होता है वही अर्थ इस प्रत्यय से भी सूचित होता है जैसे – पक्तव्या: माषा: = उड़द जो पकाये जाने चाहिए।
B. ‘चाहिये’ अर्थ में ‘तव्यत्’ प्रत्यय प्रयुक्त होता है। ‘चाहिए’ वाला भाव कर्त्तृवाच्य में ‘विधिलिङ्ग’ लकार से सूचित होता है वही अर्थ इस प्रत्यय से भी सूचित होता है जैसे – पक्तव्या: माषा: = उड़द जो पकाये जाने चाहिए।