Correct Answer:
Option A - हर्यंक वंश का संस्थापक बिम्बिसार मगध की गद्दी पर 544 ई. पू. में बैठा था। वह बौद्ध धर्म का अनुयायी था। बिम्बिसार ने गिरिव्रज (राजगृह) का निर्माण कर उसे अपनी राजधानी बनाया तथा इसने मगध पर 52 वर्षों तक शासन किया था। बिम्बिसार की हत्या उसके ही पुत्र अजातशत्रु ने कर दी तथा 492 ई. पू. में मगध की गद्दी पर बैठा।
A. हर्यंक वंश का संस्थापक बिम्बिसार मगध की गद्दी पर 544 ई. पू. में बैठा था। वह बौद्ध धर्म का अनुयायी था। बिम्बिसार ने गिरिव्रज (राजगृह) का निर्माण कर उसे अपनी राजधानी बनाया तथा इसने मगध पर 52 वर्षों तक शासन किया था। बिम्बिसार की हत्या उसके ही पुत्र अजातशत्रु ने कर दी तथा 492 ई. पू. में मगध की गद्दी पर बैठा।