Explanations:
हरये क्रुध्यति’ में ‘हरये’ में सम्प्रदान कारक है। ‘‘क्रुधद्रुहेष्र्यासूयार्थाना यं प्रति कोप:’’ क्रुध्, द्रुह्, ईष्र्या, असूया अर्थ की धातुओं के साथ जिस पर क्रोध किया जाय, उसमें चतुर्थी विभक्ति सम्प्रदानकारक का प्रयोग होता है। यथा– राम: मूर्खाय क्रुध्यति।