Correct Answer:
Option B - बाणभट्ट हर्षवर्धन की राजसभा के दरबारी कवि थे। ये संस्कृत के प्रकाण्ड विद्वान थे। इन्होंने ‘हर्षचरित’ एवं ‘कादम्बरी’ की रचना की थी। चन्द्रबरदाई, पृथ्वीराज चौहान के राजकवि थे। इन्होंने ‘पृथ्वीराज रासो’ की रचना की थी। जयदेव, लक्ष्मण सेन के दरबारी कवि थे। इन्होंने ‘गीत गोविन्द’ की रचना की थी।
B. बाणभट्ट हर्षवर्धन की राजसभा के दरबारी कवि थे। ये संस्कृत के प्रकाण्ड विद्वान थे। इन्होंने ‘हर्षचरित’ एवं ‘कादम्बरी’ की रचना की थी। चन्द्रबरदाई, पृथ्वीराज चौहान के राजकवि थे। इन्होंने ‘पृथ्वीराज रासो’ की रचना की थी। जयदेव, लक्ष्मण सेन के दरबारी कवि थे। इन्होंने ‘गीत गोविन्द’ की रचना की थी।