Correct Answer:
Option A - हर्षवर्धन की मृत्यु के पश्चात उसका सम्पूर्ण साम्राज्य छोटे-छोटे राज्यों में बँट गया, जिसमें अधिकांश राज्य के शासक राजपूत जाति के थे। 7वीं से 12वीं सदी, भारतीय इतिहास में राजपूत युग के नाम से जानी जाती है। हर्ष की मृत्यु के बाद राजपूतों (गुर्जर-प्रतिहार, पाल तथा राष्ट्रकूटों) में त्रिकोणात्मक संघर्ष हुआ जिसमें गुर्जर-प्रतिहार वंश विजयी हुए और कन्नौज पर उनका अधिपत्य हुआ।
A. हर्षवर्धन की मृत्यु के पश्चात उसका सम्पूर्ण साम्राज्य छोटे-छोटे राज्यों में बँट गया, जिसमें अधिकांश राज्य के शासक राजपूत जाति के थे। 7वीं से 12वीं सदी, भारतीय इतिहास में राजपूत युग के नाम से जानी जाती है। हर्ष की मृत्यु के बाद राजपूतों (गुर्जर-प्रतिहार, पाल तथा राष्ट्रकूटों) में त्रिकोणात्मक संघर्ष हुआ जिसमें गुर्जर-प्रतिहार वंश विजयी हुए और कन्नौज पर उनका अधिपत्य हुआ।