Correct Answer:
Option D - • हरिपुरा विज्ञापन के लिये प्रसिद्ध कलाकार नन्द लाल बसु है।
• 1937-38 ई. में नंदलाल ने बसु हरिपुरा पोस्टर बनाये। हरिपुरा कांग्रेस के पंडाल की सज्जा में योगदान दिया।
• स्वाधीन भारत के संविधान की पांडुलिपि का अंकन नंदलाल बसु के निर्देशन में हुआ था।
• नंदलाल बसु द्वारा चित्रित डण्डी कूच उनके श्रेष्ठ चित्रों में गिना जाता है।
• राष्ट्रपति महात्मा गाँधी के आग्रह पर चित्र साधना घर के लिये मत करो के आह्वान पर बसु ने अनेक चित्र का निर्माण किया।
• 1917 ई. में बसु रवीन्द्रनाथ ठाकुर के काव्य संग्रह गीतवितान के लिये चित्रांकन किया।
• स्टैला क्रेमरिश ने मास्टर मोशाय (बसु) के चित्रों की चर्चा करते हुए कहा-बसु के रेखाचित्र, ऑटोग्राफ्स और कार्ड चित्र आधुनिक भारतीय चित्रकला के बहुमूल्य रत्न है।
D. • हरिपुरा विज्ञापन के लिये प्रसिद्ध कलाकार नन्द लाल बसु है।
• 1937-38 ई. में नंदलाल ने बसु हरिपुरा पोस्टर बनाये। हरिपुरा कांग्रेस के पंडाल की सज्जा में योगदान दिया।
• स्वाधीन भारत के संविधान की पांडुलिपि का अंकन नंदलाल बसु के निर्देशन में हुआ था।
• नंदलाल बसु द्वारा चित्रित डण्डी कूच उनके श्रेष्ठ चित्रों में गिना जाता है।
• राष्ट्रपति महात्मा गाँधी के आग्रह पर चित्र साधना घर के लिये मत करो के आह्वान पर बसु ने अनेक चित्र का निर्माण किया।
• 1917 ई. में बसु रवीन्द्रनाथ ठाकुर के काव्य संग्रह गीतवितान के लिये चित्रांकन किया।
• स्टैला क्रेमरिश ने मास्टर मोशाय (बसु) के चित्रों की चर्चा करते हुए कहा-बसु के रेखाचित्र, ऑटोग्राफ्स और कार्ड चित्र आधुनिक भारतीय चित्रकला के बहुमूल्य रत्न है।