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Q: हिन्दी के विकास के सम्बन्ध में निम्नांकित कथनों में एक असत्य है।
  • A. हिन्दी का विकास संयोगात्मक भाषा के रूप में हुआ।
  • B. हिन्दी का विकास लगभग 1000 ई. से माना जाता है।
  • C. हिन्दी अपभ्रंश के बाद की भाषा है।
  • D. हिन्दी एक वियोगात्मक भाषा है।
Correct Answer: Option A - हिन्दी का विकास संयोगात्मक भाषा के रूप में हुआ। यह कथन असत्य है, क्योंकि हिन्दी का विकास वियोगात्मक भाषा के रूप में हुआ। जबकि हिन्दी संस्कृत की उत्तराधिकारिणी भाषा है। यह अपभ्रंश के बाद की भाषा है। वर्णमाला, उच्चारण और लिपि देवनागरी, जो ब्राम्ही का विकसित रूप है, वही संस्कृत का है, किन्तु संस्कृत भाषा संयोगात्मक है पर हिन्दी भाषा वियोगात्मक है।
A. हिन्दी का विकास संयोगात्मक भाषा के रूप में हुआ। यह कथन असत्य है, क्योंकि हिन्दी का विकास वियोगात्मक भाषा के रूप में हुआ। जबकि हिन्दी संस्कृत की उत्तराधिकारिणी भाषा है। यह अपभ्रंश के बाद की भाषा है। वर्णमाला, उच्चारण और लिपि देवनागरी, जो ब्राम्ही का विकसित रूप है, वही संस्कृत का है, किन्तु संस्कृत भाषा संयोगात्मक है पर हिन्दी भाषा वियोगात्मक है।

Explanations:

हिन्दी का विकास संयोगात्मक भाषा के रूप में हुआ। यह कथन असत्य है, क्योंकि हिन्दी का विकास वियोगात्मक भाषा के रूप में हुआ। जबकि हिन्दी संस्कृत की उत्तराधिकारिणी भाषा है। यह अपभ्रंश के बाद की भाषा है। वर्णमाला, उच्चारण और लिपि देवनागरी, जो ब्राम्ही का विकसित रूप है, वही संस्कृत का है, किन्तु संस्कृत भाषा संयोगात्मक है पर हिन्दी भाषा वियोगात्मक है।